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Anita Sudhir

Romance

4  

Anita Sudhir

Romance

ऐसे जताना तुम

ऐसे जताना तुम

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कभी प्यार जताना ऐसे तुम

मुझसे जल्दी उठ जाना 

एक कप चाय बना लाना 

अदरक डालना उसमे तुम

फिर प्यार से जगाना तुम।


सुबह थोडा टहल आना 

पौधों में पानी डालना तुम

साज सफाई कर देना 

कभी प्यार जताना ऐसे तुम।


जब मैं जाऊँ नाश्ता बनाने

प्यार से हाथ पकड़ लेना 

जलेबी खस्ता लेते आना तुम

कभी प्यार जताना ऐसे तुम।


जब खाने की बारी आये 

कहना खिचड़ी खानी है

खिचड़ी अच्छी पकाते तुम

साथ पापड़ भी लाना तुम

कभी प्यार जताना ऐसे तुम।


बैठे बैठे बोर हो गए,अब

शॉपिंग करवा लाना तुम 

सुनो,एनीवर्सरी आ रही है 

अपने लिए रुमाल लाना तुम

कभी प्यार जताना ऐसे तुम।


एक कांजीवरम दिलवा देना 

जैसा चाहो तुम्हारे ऊपर 

सोने या हीरे का सेट दे देना 

होटल में ले चलना तुम 

कभी प्यार जताना ऐसे तुम।


 झगड़े तो चलते रहते हैं 

जब मैं रूठी रूठी रहूं

तो माफी मांग लेना तुम 

कभी प्यार जताना ऐसे तुम।


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