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अधूरा सपना, अधूरी ख्वाहिश

अधूरा सपना, अधूरी ख्वाहिश

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बिन मिट्टी वो घड़ा अधूरा।
जैसे राधा बिन शयम अधूरा...
दर्द बिन वो प्यार अधूरा।
जैसे लैला बिन मजनू अधूरा...

बिन स्याही जैसे कलम अधूरी...
कृष्ण बिन बांसुरी अधूरी।
जिसमें नहीं है नशा!
वो शराब अधूरी...
बिन काजल के वो आँख अधूरी...
हँसते हुये चहरे पे!
वो प्यारी-सी मुस्कान अधूरी...

बिन बदल वो बारिश अधूरी...
जैसे सुबह की ताज़गी के बिन
मेरी हर एक शाम अधूरी...
बिन पक्षी आकाश अधूरा

जैसे बिन माँ बाप के
वो इंसान अधूरा...


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