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खुश नही हूं...

खुश नही हूं...

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खुश नहीं हूं

अपनी जिंदगी से

ना जाने क्या ग़म है

आंसू आ रहे हैं

आँखें मेरी नम हैं...

समय बीत गया

जाने कब

सोच में रहता हूं....

दिये हैं जख्म

जो जिंदगी ने

आज भी उनके दर्द

मैं सहता हूं..

पथ पर खड़ा हूं

ऐ मंजिल रास्ता चाहिए

मेरे सीने से नहीं

तो तेरे सीने से कोई

गंगा निकलनी चाहिए

गंगा निकलनी चाहिए।


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