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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Abstract

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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Abstract

अच्छी सोच

अच्छी सोच

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भद्रता,  

शालीनता,

संस्कार 

और अच्छी सोच 

की तालीम

हमें अपने पूर्वजों 

और परिवारों 

से मिलती है।


किताबों को 

लाख पीस कर

गले के नीचे 

उतार लेने से

हमें दिव्य ज्ञान की 

कुंजी कथमपि 

नहीं मिलती है।


गलत लिखना 

मर्यादा को लांघना

हमें शोभा नहीं देता 

कहाँ कैसे 

लिखा जाये ?


उसे हम 

सोच ले पहले

छूटा बाण कभी

वापस नहीं आता !


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