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Gurudeen Verma

Tragedy

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Gurudeen Verma

Tragedy

अभी नहीं पूछो मुझसे यह बात तुम

अभी नहीं पूछो मुझसे यह बात तुम

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अभी नहीं पूछो मुझसे, यह बात तुम।

बनाऊंगा कब अपना हमराह तुझको।।

कब मैं भरूँगा तेरी मांग में सिंदूर।

आऊँगा कब लेने डोली में तुझको।।

अभी नहीं पूछो मुझसे---------------------।।


जीना नहीं चाहता, अब मैं अभावों में।

चलना नहीं चाहता, अब मैं काँटों में।।

अब चाहिए मुझको फूल मेरी राहों में।

तेरी राह से नहीं है, मतलब मुझको।।

अभी नहीं पूछो मुझसे---------------------।।


बहुत लहू बहाकर यह, लगाया है चमन।

बहुत दुःखों के बाद यह, आया है अमन।।

क्यों मैं कलह को अब, गले से लगाऊँ।

करना नहीं तुमसे कोई, वादा भी मुझको।।

अभी नहीं पूछो मुझसे---------------------।।


तेरा तो ख्वाब कोई, टूटेगा नहीं।

तेरा तो कुछ भी कोई, लूटेगा नहीं।।

बर्बादी तो बस, मेरी ही होगी।

सोचूँगा, कब हाथ सौंपना तुझको।।

अभी नहीं पूछो मुझसे---------------------।।



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