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PIyush Khare

Romance

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PIyush Khare

Romance

अब आदत नहीं मुझे

अब आदत नहीं मुझे

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अब आदत नहीं मुझे

तुम्हारा इंतजार करने की।


अब आदत नहीं मुझे

तुमसे झगड़ा करने की।


अब आदत नहीं मुझे

तुम्हारा हाथ थाम के चलने की।


अब आदत नहीं मुझे

तुम्हारा नाम लेने की।


अब आदत नहीं मुझे

तुम्हें सारा दिन देखने की।


अब आदत नहीं मुझे

तुम्हारे लिए रोने की।


अब आदत नहीं मुझे

तुम्हें मोहब्बत करने की।


हां ! बदल ली है मैंने अपनी आदतें।


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