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Shashi Dwivedi

Tragedy

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Shashi Dwivedi

Tragedy

आवारा जानवर

आवारा जानवर

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आवारा जानवर

जो जानते हैं

सड़क पार करना,

हॉर्न समझकर रुकना,

खाली पेट सोना,

गर्मी में पानी खोजना,

ठंड से बचना,

जलती गर्मी से

अनुकूलन बनाना

फिर भी हार जाते है

संवेदनहीनता से,

तेज गाड़ियों की रफ्तार से

पिसे हुए,

दबे हुए,

क्षत विक्षत

मिल जाते हैं

हर रोज सड़कों के बीच

आवारा जानवर


नाक दबाये हम

ओ हो कहते हम

निकल जाते हैं

हर रोज़

देर होती है

कहीं जाने की

किसी जीव को मार देना

बीच सड़क पर

बिना पश्चाताप के

छोड़ देना

क्या है?

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