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Shashi Dwivedi

Abstract

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Shashi Dwivedi

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चलो मना लें होली हम

चलो मना लें होली हम

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चलो मना लें होली हम

चलो मना लें होली.

हिल मिल जायें

घुल मिल जायें

रंगों सा

सब भूल के हम।


चलो ..

रंग बिरंगे फाल्गुन में

रंग बिरंगे हम हो जायें

फूलों सा

स्मित बन जायें

तितली सा

चंचल हो जायें

फाल्गुनी समीर सा

सब को छू लें

चलो मना ले होली हम।


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