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Sunita Shukla

Abstract

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Sunita Shukla

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आशाएँ

आशाएँ

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कुछ असफलताएँ कुछ नादानी 

जीवन है दरिया का पानी 

एक एक कदम बढ़ाते जाना 

जीवन पथ पर चलते जाना ।।


बाधाएँ बहुत सी आएंगी 

कुछ लोग भी ताने मारेेंगे

इनसे ना घबराना है 

कदमों से कदम मिलाना हैै ।।


आशाओं का आँचल ना छोड़ो

उम्मीदों से दामन जोड़ो

देखे हैं जो ख्वाब बड़े 

उनको आज सजाना है ।।


आते हैं अवरोध बड़े पर

हार भला कब मानी हैै 

राहों के कंकड़ चुन चुन कर 

मन में ज्योति जगाना हैै ।।


हे ईश्वर मेरी अभिलाषा 

संताप कभी न मन पर छाये 

खुशियों की बूँदें बन कर कर 

उमड़ घुमड़ बादल बरसााएँ।।


      



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