आस
आस
वजूद गहरा होता है सबकी ज़िंदगी में खास
रिश्तों से ऊपर सच्चा दोस्त हो दिल के पास
दोस्ती अहम हिस्सा ज़िंदगी की हर मोड़ पर
साथ देती मुश्किलों में भी टूटने न दे विश्वास
बेफ़िक्र होकर कह पाते जिससे हर जज़्बात
दोस्ती ही याद आती है जब मन होता उदास
लेता है वक़्त अनजाने में दोस्ती का इम्तिहान
कृष्ण रूप में दिखाई देती है सुदामा को आस
ख़ुशनुमा होता हर पल दिया जो दोस्ती के लिए
हरदम बना रहे दिल में प्यारा ख़ूबसूरत एहसास
