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Aishani Aishani

Abstract

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Aishani Aishani

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आओ वृक्ष लगाये..!

आओ वृक्ष लगाये..!

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आओ हमसब वृक्ष लगाये

वातावरण को स्वच्छ बनाये

हरी भरी जब होगी वसुंधरा

स्वच्छ रहेगा पर्यावरण हमारा


पथिक को मिलेगा वृक्ष से छाया

जब होगी धूप से त्रस्त उसकी काया.. 

जब होगा उजडा़ चमन हमारा

तब होगा अलग नज़ारा

सूखी धरती होंगे तड़पते जीव


व्याकुल होगा हर तरफ जन समुह

ना वर्षा ना समय से धूप

जब सूखेगा ताल तलैया

होगी हर तरफ त्राहि त्राहि

चारो तरफ मचेगी तबाही


कहाँ से लाओगे ताजी हवा

कैसे पाओगे स्वस्थ जीवन

ना उचित होगा अपना आहार

ना मिलेगा हरियाली वाला राज

सुनो प्यारे..! बात मेरी मानो


वृक्ष लगाकर हरियाली लाओ

अपने जहां को स्वच्छ और स्वस्थ बनाओ। 


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