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Gulabchand Patel

Inspirational

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Gulabchand Patel

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आज़ादी

आज़ादी

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असंख्य शहीद की हुई थी बर्बादी

तभी तो मिली है देश को आज़ादी


उन शहीद वीर पर हमे है नाज़

भारत हे मेरा प्रजासत्ताक


संग्रामवीरो ने एनगरेज को ललकारा

जाग गए गांधीजी, सरदार और जवाहर


जिस के नाम पर हे देश को नाज़

अमर हो गये नेता बोझ सुभाष


स्वाधीनता के लिए मिले करोड़ो कर

संविधान लिखने मिले आम्बेडकर


जिस धरा पर जन्मे राम और सीता

वहॉं गांधीजी बन गए राष्ट्रपिता


हिंदुस्तान है मेरा विश्व की शान

15 अगस्त 1950 में मिला संविधान


गुलाब चंद कहते नियति का क्रम

आप सभी बोलिए ना, "वंदे मातरम्"


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