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Preeti Sharma "ASEEM"

Abstract


4.0  

Preeti Sharma "ASEEM"

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आईना

आईना

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मैं अब आईना ना देख पाऊँगा। 

तेरे अक्स को आईनें में ना उतार पाऊँगा।

मैं अब आईना ना देख पाऊँगा।

बीती है जिंदगी मेरी ,आईनें से बात करते -करते ।

बीती बातों पर अब बात ,मैं बात ना कर पाऊँगा।

मैं अब आईना ना देख पाऊँगा।

कहते हैं ..........आईना सच दिखाता है।

मैंने तो बरसों से एक वहम,दिल में पाला है।

उस वहम की हकीकत ना देख पाऊँगा।

मैं आईनें में तुम्हें ढूंढता रह जाऊँगा।

मैं अब आईना ना देख पाऊँगा।



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