STORYMIRROR

Dr.R.N.SHEELA KUMAR

Classics

3  

Dr.R.N.SHEELA KUMAR

Classics

आई थी दीवाली

आई थी दीवाली

1 min
224

आई थी दीवाली

ढेर सारी खुशियाँ लाई।


आई थी बचपन की यादों

पापा तो लाएँगे टपाकें थैली।


दीदी बाँटेंगी हमको

वो जिंदगी भूल नहीं पाएगी।


गाँव मे हर घर फूलों से सजाते हैं

तरह तरह की मिठाइयाँ बनाते हैं।


फिर भी एक बार मिला है तो

ये बचपन का दिनों मिली है तो

कितनी अजीब की बात है।


वो दिन फिर भी वापस आएगा

ढेर सारी खुशियाँ लाएगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics