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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

आगे बढ़ना है

आगे बढ़ना है

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तुझे जग में आगे बढ़ना है

तुझे बहरा अवश्य बनना है

ज़माने पर कोई ध्यान न दे,

ज़माने का कार्य जलना है


जिसे फ़लक को चूमना है

उसे बस लगातार चलना है

मंजिल यूँ ही न मिल जाती है

मंजिल के लिये तड़पना है


तुझे जग में आगे बढ़ना है

तुझे बहरा अवश्य बनना है

व्यर्थ क्रोध करने के बजाय,

सब्र-सहारे जिंदगी जीना है


घमंडी सर भी झुक जाएंगे,

तुझे मौन से जंग लड़ना है

ऊर्जा व्यर्थ बोल खर्च न कर,

इरादों को पक्का करना है


तुझे जग में आगे बढ़ना है

तुझे बहरा अवश्य बनना है

अपनी नजर लक्ष्य पर कर,

बगुले ज्यादा ध्यान करना है


नींद रखनी है,तुझे श्वान जैसे,

गर तुझे कामयाब बनना है

चेष्टा हो तेरी,बस काक जैसे

एवरेस्ट तुझे फतह करना है


साहस दिखाना है सिंह जैसे,

तुझे इतिहास पन्ना बनना है

जीत कभी झूठ की न होती,

जीत कभी पैसे की न होती,


जीत अच्छे विचारों से होती है,

तुझे सोच अच्छी करना है

तुझे जग में आगे बढ़ना है

तुझे बहरा अवश्य बनना है।


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