आग
आग
आग लगी है इस दिल में
आग यह बदले की नहीं
आग है बदलाव की,
धरती चाहती है बदलाव
अम्बर भी चाहता है।
ये पेड़ पहाड़ नदियां और पानी
ढूंढते हैं बदलाव कि निशानी
हवा में है कुछ नई कहानी
अब नहीं होगी बात पुरानी।
अब कुछ ऐसा होगा जो नया होगा
और सबके लिए अच्छा होगा
बदलेगी जरूर
इंसानियत की तस्वीर
और इस धरती की तकदीर।
आग लगी है इस दिल में
आग यह बदले की नहीं
आग है बदलाव की।
