STORYMIRROR

Kavita Navare

Abstract

3  

Kavita Navare

Abstract

कहानी

कहानी

1 min
187

बचपन से सुनते आए हैं

यही एक कहानी 

शूरवीर था राजा जिसमें 

और कोमल सी रानी।


राजकुमारी भी थी उसमें

गोरी और सुहानी

बचपनसे सुनते आए हैं

यही एक कहानी।


मुख्य किरदार निभानेवाले

होते हमेशा सुंदर

या मानो, वो ही मुख्य हैं

जो होते हैं बस सुंदर।


बात नही ये झूठी

ये तो हैं जानीमानी

बचपनसे सुनते आए हैं

यही एक कहानी।


साँवली सूरत, छोटा सा कद

ना हो प्यारी सी अदा

मुख्य किरदार की मदद करना

काम हैं इनका सदा।


यही देखते बड़े हुए हम

बात हैं बडी पुरानी

बचपन से सुनते आए हैं

यही एक कहानी।


मिले अगर जादू की सियाही

बदलू मैं बात पुरानी

पहचान न जिनकी कोई

लिख दूँ मैं उनकी कहानी।


देश भेष और रंग रुपसे 

कोई न होगा कम 

कुछ तो होता खास सभी में 

तोलेंगे ना हम। 


सच्चे मनसे देखोगे 

तो बदसूरत ना कोई 

अंदाज अलग होता हैं

बस इतनी सी सच्चाई। 


छोडो सुनी सुनाई

जो थी बात पुरानी

अब के बच्चे तो सुन ले

अब से ये नयी कहानी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Kavita Navare

कहानी

कहानी

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Abstract