0शून्य 0
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सीना चौड़ा हो जाता,सुनते "शून्य"शब्द,
भारतवर्ष से ही "शून्य "का है अस्तित्व,
गणितज्ञ आर्याभट्ट ही शून्य के है जनक,
भारत के प्राचीन ग्रंथो में है इसका वर्णन।
प्रश्न कैसे भारत शून्य का है अविष्कारक !
तो पढ़ लो ग्रन्थ रामायण और महाभारत,
जिसमें सौ कौरव व पाँच पांडव हैं वर्णित,
भला उस समय कौन जानता था गणित?
मानव ज़िन्दगी में गणित का बहुत महत्त्व,
चाहत रहती खुशियाँ मिलती जाये गुणक,
भाज्य तो सफलता ग़म महज़ हो भाजक,
संख्या के आगे शून्य तो बँटवारे में वजन।
