Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
माँ का दिल
माँ का दिल
★★★★★

© Rashi Singh

Tragedy

1 Minutes   1.4K    32


Content Ranking

"बेटा सुखवीर !"बहुत देर से खामोश लेटी माँ ने पैंसठ साल के बेटे सुखबीर को पुकारा तो उसके चेहरे पर खुशी के भाव आ गये। और चारपाई पर बैठे पोती पोते, पर पोते सभी एक दूसरे को देखने लगे।

"हाँ माताजी "सुखबीर खुशी से चिल्लाते हुए बोले।

"बेटा मैं तो अंतिम यात्रा पर हूँ ...।"

"ऐसे मत बोलो माता जी।" नब्बे साल की माँ को सुखबीर ने चुप करा दिया। सबकी आँखें नम हो गयीं।

"खाना समय पर खा लिया करना और ठंड से बचकर रहना ठीक है ..।"कपकपाती बेटे के प्रति चिंताभाव देखकर पुनः सभी की आँखें भर आईं ।

"माताजी मैँ बच्चा हूँ क्या ?तुम जल्दी से ठीक हो जाओ फिर बातें करेंगे बहुत सारी। "सुखबीर ने भर्राये गले से कहा।

"तू तो हमेशा रहेगा ।"कहते हुए माँ ने आशीर्वाद के लिए हाथ उठाना चाहा मगर उठा न सकीं ।सदा के लिये चिरनिंद्रा में जो सो गयीं थीं ।

ख़ुशी भाव यात्रा

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..