मैं किसी से नहीं डरती
मैं किसी से नहीं डरती
मिताली किसी से डरती थी तो वो था कौकरोच। हर समय हिट हाथ में लिए कौकरोच देखते ही चिल्लाती रहती थी। घर के सब लोग उसके चीखते ही सोचते थे उसने कहीं कौकरोच देखा होगा।
उस दिन रात में एक मोटा कौकरोच देख कर जब मुन्ना जोर से रोया तो मिताली दौड़ के आई हाथ के तौलिए से कौकरोच को मारकर मुन्ना को जल्दी से गोद में उठा लिया। सबने मिताली से पूछा क्या तुम डर का नाटक करती थी ? मिताली ने कहा नहीं मैं तो आज भी कौकरोच से डरती हूं, पर एक मां कभी किसी से नहीं डरती।
