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अजय '' बनारसी ''

Inspirational

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अजय '' बनारसी ''

Inspirational

आज देश तुमसे

आज देश तुमसे

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आज देश तुमसे

बलिदान नहीं, रक्त नहीं

बस थोडा सा वक्त माँगता है


वर्षो चल लिये आज़ादी की

कोमल चादर पर

अब तुमसे आगे का 

कदम सख्त माँगता है


बेटी बचे बेटी पढ़े

भ्रूण हत्या देश से 

खत्म चाहता है 

हो न नारी शोषण 

आस पास कही

आज का युवा 

नैतिकता युक्त माँगता है


आज देश तुमसे

बलिदान नहीं, रक्त नहीं

बस थोडा सा वक्त माँगता है


विश्वविद्यालय न बनने पाये

देश द्रोहियो का अड्डा

अफज़ल हम शर्मिंदा है

तेरे कातिल जिन्दा है

विद्यार्थी ऐसे लोगो की

संगत से मुक्त चाहता है


आज देश तुमसे

बलिदान नहीं, रक्त नहीं

बस थोडा सा वक्त माँगता है


स्वदेसी क्रांति से भी 

आई आज़ादी

भूल गए हम 

फिर से कारण इसका

करे बहिष्कार विदेशी वस्तु का

इसी प्रकार का फिर से 

संकल्प माँगता है


आज देश तुमसे

बलिदान नहीं, रक्त नहीं

बस थोडा सा वक्त माँगता है


आंधी तूफ़ाँ से भी 

न हो डगमग 

देश की आने वाली पीढ़ी

कमज़ोर न हो 

साहस तुम्हारा

ऐसा रेगिस्तान में खड़ा

मज़बूत दरख्त माँगता है


आज देश तुमसे

बलिदान नहीं, रक्त नहीं

बस थोडा सा वक्त माँगता है


रहे प्रेम आदर सभी धर्मो काआज

जातिवाद से ऊपर उठकर

विविधिताओं से भरा यह देश

सद्भावना की दरख्वास्त माँगता है


आज देश तुमसे

बलिदान नहीं, रक्त नहीं

बस थोड़ा सा वक्त माँगता है


प्रजातंत्र में हो 

प्रजा का शासन

जो लायक नहीं 

कर दो खाली आसन

देश वापस प्रजा का 

तख़्त माँगता है


आज देश तुमसे

बलिदान नहीं, रक्त नहीं

बस थोड़ा सा वक्त माँगता है


जो हो तुम वही रहो,

जो कर रहे हो वही करो

बस हर नागरिक में 

थोडा सा देशभक्त माँगता है

थोडा सा देशभक्त माँगता है!



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