स्त्री शक्ति!
स्त्री शक्ति!
आज के युग की नारी है तू नहीं रही अब अबला..
"सीधी बात" करके तू दे यह सबको बतला..!
"एकवचन" का भान सभी को रखना है।
कदम से कदम मिलाकर एक साथ चलना है।
जीवन की नीव को अपने
"ईमानदारी के मजबूत खंबो" से बांधना है!
शुद्ध विचार और व्यवहार से अपने
"पारदर्शिता" का आइना चमकाना है।
सभी रिश्तों को बांधे रखनेवाली
"अटूट डोर" होती है नारी!
तभी तो हर काल में ..
स्त्रीशक्ति हैं भारी!!
लड़की होने का यह मतलब नहीं
की तू "नाइंसाफी" भी सहती रहे।
जहां लगे तुझे "गलत"..
जगा अपने भीतर की यह "स्त्रीशक्ति"
और बिना डरे तू कह दे "अपनी सीधी बात" .!
"वाणी" की ताकत को तू
अपना "मजबूत हथियार" बना..!
"सीधी बात" का महत्त्व समझकर
"सही वक़्त" पर इसे जरुर चला..!!
