STORYMIRROR

Rajshree Vaishampayan

Abstract

2  

Rajshree Vaishampayan

Abstract

दोस्ती

दोस्ती

1 min
130

यहाँ ना जरूरत पड़ती किसी कायदे कानून की

दुनिया के रीति रिवाजों से परे यह सुंदर नाता हैl

जो जुड़ जाए एक बार 

निभाना नहीं पडता दोस्ती का रिश्ता कभी... 

अटूट विश्‍वास और स्नेह का एक पक्का धागा

सच्चे दोस्तों के दिलो को हमेशा जोड़े रखता हैl



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract