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Sunanda Aswal

Inspirational

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Sunanda Aswal

Inspirational

नीलकंठ महादेव

नीलकंठ महादेव

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लिपटे कंठ भुजंग ,नीलाम्बर धारी ,

हिम शिखर पर विराजे बम लहरी ...!


त्रिलोचन , रुंड बैजंतीमाल त्रिपुरारी ,

संग देवी मंद -मंद हंसत प्रिय गौरी प्यारी ...!


रुद्र रुद्राक्ष धारित , शोभित बाजूबंद,

उमा उपमा जैसे चंद्र ,शिव चढ़ाए भांग .!


घन-घन मेघ बरसत ,हिम शिखर डमरू गरजत,

पैंजनी बाजत ,गण डोलत ठुमुक- ठुमकत..!


धुनी रमाए हिम पर , देव छोड़े सिंघासन ,

नीलकंठ स्वर्ग उर , ऊर्जावान चितवन ..!


अनादि -अंतहीन ओज,परिश्रम निस्वार्थ,

विषमय हलक , संचार है अमृत..!


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