जल है तो कल है
जल है तो कल है
है धरा में मूल्यवान
प्रकृति का अनमोल उपहार
जल है तो कल है
जल बिन जीवन संभव नहीं
जल जीवन है
प्राणी अस्तित्व का आधार
जल नहीं तो कैसे रह पाएंगे
अगर यूं व्यर्थ करते रहे इस अमृत को
बिन इसके प्यासे सब मर जायेंगे
मत करो बर्बाद इसे तुम
इसका मोल पहचान लो
नहीं रहा जल इस धरा पर
फिर क्या संभव है जान लो
बिना जल के इस जग में
रहना सबका है मुश्किल
वर्तमान में ना संभले तो
सोच लो फिर हम सभी का
भविष्य भी है इस में शामिल
इसलिए सोच समझ कर
करो सब इसका उपयोग
जल संरक्षण के लिए सोचो
फिर करो नित नए प्रयोग।
जितना भी संभव हो
लगाएं अधिक से अधिक पेड़
तभी सुरक्षित जल चक्र होगा
फिर बरसेंगे मेघ।
