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Nilesh Bhopatrao

Romance

2  

Nilesh Bhopatrao

Romance

प्रीया धरा

प्रीया धरा

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नभ टिपूस टिपूस 

सागर भरती…

अुन्हां-अुन्हांत न्हाअुन 

सागर तो कष्टी 

श्वासाश्वासांतून…त्याच्या 

जीवन वर ढगांस गाठी

नभ मग प्रेमाने बरसती 

अन् प्रीया धरेला हर्षती

नभ टिपूस टिपूस 

सागर भरती…


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