STORYMIRROR

Shrikant Dixit

Classics

3  

Shrikant Dixit

Classics

कविता

कविता

1 min
241

शब्द शब्द माझे। अंतर्यामी साद

घाली काव्यनाद। मनांगणी ॥१॥


प्रसवती काव्य। मनातील भाव।

घेई बघा ठाव। पदोपदी॥२॥


सजुनिया येते। आकार उकार।

शब्द अलंकार। सर्वार्थाने॥३॥


जो न देखे रवी। कल्पना विलास।

भास न् आभास। पाहूनिया॥४॥


अक्षर कोंदण। विसरूनी भान।

गुंफू क्षणोक्षण। काव्यमाला॥५॥


रमणीय काव्य। होते श्रवणीय।

अति भावनीय। ऐकायास॥६॥


Rate this content
Log in

Similar marathi poem from Classics