कर्मयोगी (संत गाडगेबाबा)
कर्मयोगी (संत गाडगेबाबा)
डेबुजी जन्मला| झिंग्राजजी पिता||
सखुबाई माता| शेंडगावी||१||
गोपाळा गोपाळा| किर्तन भजन||
उध्दरीले जन| प्रबोधन||२||
डोक्यावर झिंज्या| त्यावर मडके||
कपडे फाटके |कर्मयोगी||३||
बांधले आश्रम| हातात खराटा||
स्वच्छ केल्या वाटा| गावोगावी ||४||
बळी प्रथा बंद| माणसाचा देव||
माणुसकी ठेव| शिकवण||५||
शिक्षणाची ओढ |अंधश्रद्धा टाळा||
व्यसनांना आळा| उद्बोधन||६||
सामाजिक न्याय| दृष्टी वैज्ञानिक||
काम प्रामाणिक| सुरु केले||७||
चालती बोलती| असे पाठशाळा||
दुर्गुणांना टाळा| उपदेश||८||
