विश्वासघात
विश्वासघात
साकेत - हटाओ ना यार , सब हटाओ अब मुझसे कैसी शर्म ?
काजल - पर अभी हमारी शादी नहीं हुई है थोड़ा और इंतजार कर लो ना।
साकेत - अब पुराने ज़माने में मत ज़ियो और वैसे भी हम वीडियो कॉल पर हैं।
काजल - पर अगर तुमने फोटो ले ली तो मैं कहीं की नहीं रहूँगी।
साकेत - ऐसा कुछ नहीं होगा विश्वास करो मुझ पर।
काजल - ( थोड़ा सोचते हुए ) ठीक है।
साकेत बड़े ही इत्मीनान से निर्वस्त्र होती हुई काजल को अपने लैपटॉप से निहारता रहा।
ठीक दो महीने बाद काजल की बारात दरवाज़े से वापस लौट रही थी। कमरे के अंदर से आती हुई रोने की आवाज़ ने दुल्हन बनी काजल को हैरान कर दिया था। उसके पिता का दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो चुका था। उनके हाथ में मोबाइल था जिसमे काजल की नग्न तस्वीरें थीं। साकेत के माता - पिता चरित्रहीन काजल को अपनाने के लिए एक करोड़ रूपये की माँग पूरी ना होने के कारण उसे कोस रहे थे।
