उत्सव
उत्सव
उत्सव की परिभाषा ,व्यक्ति के मन की बात पूरी होना
और त्योहार मनाने को भी उत्सव ही कहते हैं ।
उत्सव हमारे मन के खुशी अनुसार मनाये जाते हैं
एक किसी के पास कुछ न होकर वो अपने त्योहार बडी़ धुमधाम से मनाता हैं
एक वो जिसके पास सब हैं
परंतु उसका मन प्रफुल्लित नही है,
वो त्योहार को बिलकुल भी खुशी से नही मना पाता
सारी चिजे हमारे मन मुताबिक हो जाये उस दिन बडा़ उत्सव
फिर भी उत्सव के लिये कोई ना कोई त्योहार होना जरुरी हैं
ऐसी हमारी भारतीय परंपराओ का मानना हैं
सो किसी कार्य प्रसंग के बिना उत्सव नही होता ये भी एक कड़वी सच्चाई हैं
कुल मिलाकर पूरा खेल हमारी भावनाओं का हैं
जो कि उत्सव मनाने के लिये सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है
