उपहार
उपहार
एक शहर में एक सास और बहू रहती थी। वह दोनों बहुत ही ज्यादा झगड़ते रहती थी। सासू मां बात-बात में ताने मारती थी। तो बहू भी कम नहीं थी। वह भी अपनी सासू मां को उत्तर दिया करती थी। सांस कहती पानी का गिलास इधर रख। तो बहू विपरीत दिशा में पानी का गिलास रखती। उन दोनों के बीच हमेशा खींचतान बनी रहती। फिर एक दिन सासु मां का जन्मदिन आया। यह बात बहू को पता थी। उसने सासु मां की जन्मदिन की तैयारी पहले से ही चुपचाप कर रखी थी। और अपनी सासू मां को कुछ भी नहीं बताया था।
जब सासू मां का जन्मदिन आया तो उसने अपनी सासू मां को सभी उपहार भेज दिए। सासु मां की आंखों में आंसू आ गए। सासु मां बोली बेटी मैं तुम्हें पूरे दिन गुस्सा करती हूं बात सुनाती हूं। अभी तुमने मुझे उपहार दिया। तू कितनी अच्छी है। और मैं तुम्हें बुरा समझती रही। और दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा और माझी ने अपनी बहू को गले लगाया। दोनों ने साथ मिलकर के काटा। उस दिन जन्मदिन के बाद से दोनों बहुत ही प्यार से प्रेम से रहने लगी। सासू मां ने अपनी बहू को चिल्लाना बंद कर दिया।
