सिग्नल
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आज अखबार में छपी खबर ने मुझे झकझोर दिया। टॉप मॉडल रिया सहगल की आत्महत्या या हत्या ! ऐसा लगता है कि कल ही की बात हो जब मैं और रिया दिल्ली आए थे।वह मुझसे कितना आगे निकल गई, नेम, फेम, रूपया, घर। सबकुछ!!
छोटे से शहर से निकल दिल्ली अपनी किस्मत सँवारने रोज हजारों लोग आतें है,भौीड़ भाड़,शहर की चमक- धमक में गुम होके रह जातें हैं या कहें यह शहर सबको अपने रंग ढंग में ढाल लेता है।
पर मुझे यह स्वीकार नही था, मैं सफलता के आकाश में उड़ना तो चाहती थी,
पर रेड लाईटें पर जिस प्रकार बसें रूक जाती है ,उसी तरह जिंदगी की रेड लाउट मिलते ही अपनी उड़ान को क्षणभर की चिंतन और मनन के लिये रोक कर सिंग्नल हरा होने का इंतजार करती।
पर जो मेरे साथ चले थे, वह काफी आगे निकल गये। शायद इतना आगे की लौटना नामुमकिन हो गया।
