Shakuntla Agarwal

Drama


4.5  

Shakuntla Agarwal

Drama


||"सैनिटाइज़"||

||"सैनिटाइज़"||

2 mins 136 2 mins 136

आज सुबह - सुबह जैसे ही मैं बाहर निकली, तो मेरे जानने वाला एक लड़का नवीन - तीन लोगों के साथ गेट पर दिखा !

आंटी जी गेट खोलों, ज़रा सैनिटाइज़ कर देते हैं ! औरों के गेट पर किया, परतुं अपने यहाँ अच्छे से करवां देता हूँ !

हाँ, मैंने भी कहा - हाँ बेटा ! हमारें घर से तो हॉस्पिटल में इलेक्ट्रीशियन की ड्यूटी करने भी जा रहा है, इसलिए अच्छे से कर दो, तांकि वायरस का प्रकोप न बरपे !

वो तो हम कर देंगे, लेकिन आपको भी हमारें लिये कुछ करना पड़ेगा ! मैंने पूछा क्या ? आप हमारें लिए एक इंटरव्यू दें, उसमें बोले की यह फलाना पार्टी की तरफ़ से किया जा रहा है ! मैंने कहा - तुमने हर घर में किया है क्या ? हाँ, वीडियो देख सकती हैं ! मैंने इंटरव्यू देने के लिए हाँ में सिर हिला दिया, लेकिन मैं यह सोचने पर मजबूर हो गयी कि राजनीतिक पार्टियाँ अभी भी अपनी रोटियाँ सेकने से बाज़ नहीं आ रहीं हैं ! हर कोई बैनर लगा कर घूम रहा है ! मानवता के काम में भी वह अपने वोट का खेल खेल रहें हैं ! कोई भी राजनीतिक पार्टी है, उन्हें अपनी निःस्वार्थ सेवा करनी चाहिये, यही परमों - धर्म है ! हमारे लिए यह शोभनीय नहीं है कि हम निःस्वार्थ सेवा करने की बजायें, राजनीति करें !

 


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