साथी हाथ बढ़ाना
साथी हाथ बढ़ाना
कर्ज के बोझ से हरिया किसान ने आत्महत्या कर ली। उसकी पत्नी और विधवा बहन पर मुसीबत आ पड़ी। खाने के लाले पड़े थे हमेशा सम्मान से रहने वाली दोनों ननद भाभी नेआजीविका हेतु कई काम किए पर हर बार उनकी आत्मसम्मान को ठेस पहुंचती।
दोनों अपनी सारी पूंजी लेकर शहर आ गई।मंडी में पुरुष मजदूरों को हाथगाड़ी में सामान ढोते देख सूझा क्यों ना हम भी यही काम करें आखिर ये पुरानी मजबूत हड्डियां किस दिन काम आएंगी।अपनी मेहनत सेअनाज के बोरे और लकड़ी के तख्ते ढ़ोने लगीं।
उनकी खुद की ननदभाभी मालगाड़ी मशहूर हो गईं । कड़ी मेहनत और सफलता का उन्हीं की तरह चोली दामन का साथ है।उनकी पहल अन्य महिलाओं की प्रेरणा बनी। उन्होंने एक और एक ग्यारह कहावत सिद्ध कर दी।
उन्होंने सिद्ध कर दिया की शारीरिक संरचना में भले ही कम हो पर हौसलों में वो पुरुषों के समकक्ष हैं।
