Reetu Singh Rawat

Inspirational


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Reetu Singh Rawat

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राजा की राजनीति का अंत

राजा की राजनीति का अंत

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देश की राजनीति में बदलाव की शुरुआत और एक बड़े बदलाव की जरूरत थी जब देश के सभी नेता हर दिन अपने दफ्तर से निकल कर उन गरीब जनता के बीच में जाकर उनकी समस्याओं को खुद जाकर महसूस करेंगे तब बदलाव शुरू होगा  क्योंकि जिस जनता के वोटों के अधिकार से इस पद प्रतिष्ठा के काबिल हुए हैं और अगर वो लोग आपको वोट न दे तो आप किसी भी कीमत पर उस जगह नहीं पहुंच पाते इसलिए जनता के बीच जाकर उनके दर्द को महसूस करो, आज जो सरकारी सुविधाएं और एक मोटी तनख्वाह आपको मिल रही है वह उनके वोटों की वजह से है पर कुछ नेता यह भूल जाते है और अपने दिमाग़ की ताकत से यह सोचने लग जाता है कि यह जनता उसकी गुलाम और वह राजा हैं और जनता से ही वसूली के रास्ते निकाल कर, फिर जनता की भलाई कम और खुद की भलाई के लिए तिजोरी भरने लगते है, 5 साल में ही बंगला गाड़ी बैंक बेलेंस करोड़ों के मालिक कैसे बन जाते हैं, क्या कभी सरकार ने पूछा है एक आम आदमी पूरी जिंदगी कोलू की तरह मेहनत करके घर तो क्या दो वक़्त की रोटी भी बड़ी मुश्किल से खा पाता है और यह नेता कैसे भोली भाली जनता के बल से ही अपनी ताकत दिखाता है और अगर जनता साथ न खड़ी हो तो इसकी गैस ही निकल जाएगी और ताक़त का बैंड बज जाएगा पर भोली जनता कब समझेगी यह नही समझती क्योंकि सबसे बड़ी गलती जनता की भी है जो बिना सोचे समझे अपने प्रत्याशी का चुनाव करती है जो कुछ नासमझ लोग 500 रुपये ,दारू की बोतल ही अपने वोटों की कीमत समझते है देश का सौदा करने वाले ऐसे नेताओं को अपना हमदर्द समझ लेते है जो 5 साल बाद फिर से आकर अपनी चिकनी चुपड़ी बातों से फिर भोली भाली जनता की जिंदगी से खेलने फिर आ जाते है नेताओं के चम्मचो का राजनीति को बर्बाद करने में सबसे बड़ा योगदान देखा मैं ऐसा नहीं कह रही हूँ कि सभी नेता खराब है पर कुछ नेताओं की वजह से अच्छे भी बदनाम हो जाते है क्योंकि गलत लोगों के कारण राजनीति में भी उतार चढ़ाव आता है और हमें ही उनका जवाब देना पड़ता हैं हमें कोशिश भी करे पर जनताऔर मीडिया सवाल हमसे ही करेगी और जवाब देही हमारी ही होती है इसलिए हमें थोड़ा ध्यान देना चाहिए मेरी बात किसी के ऊपर उंगली उठना नहीं है और न ही किसी के मन को दुखने के लिए लिखा है यह सिर्फ उनके लिए है जो जनता के साथ दबंगई करते हैं और पार्टी को बदनाम करते हैं क्योंकि के बहुत से नेता और कार्यकर्ता पार्टी के लिए जान लगाकर काम करते हैं और किसी के कारण पार्टी की छबि खराब हो तो बहुत दर्द होता है और अच्छे नेता को भी बात सुननी पड़ती है मेरी बात से किसी का मन दुखा हो तो माफी चाहुगी शीर्ष नेतृत्व देश के उत्थान के लिए श्रद्धा भाव से कार्य करता है भलाई के लिए हर प्रयत्न करता है पर चम्मचे आकर चिकनी चूपड़ी बातो से चश्मे का नम्वर ही बदल देते है क्या राजा को आम जनता के बीच जाकर खुद अपनी आँखों से निरक्षण नही करना चाहिए राजा को दूरदर्शी नहीं होना चाहिए और अपने ही मंत्रियों की छानबिन के लिए एक सरकारी संगठन बनना नहीं चाहिए क्या मंत्रियों की समय अवधि नहीं होनी चाहिए कि एक बार मंत्री बन गया और जब तक जिंदा हैं तब तक उसका राज और राजवंश की तरह राजनीति हो जाती है क्या सरकारी नौकरी में भी ऐसी व्यवस्था है अभी तक तो देखने को नहीं मिली फिर क्या ऐसे लोग जो राजनीति को व्यापार समझते हैं वह राष्ट्र हित के लिए कार्य कर सकते है आप बताओ।       नेता का सही अर्थ एक सामाजिक कार्यकर्ता का रूप होता है पर क्या नेता सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करता है और करता तो सामाजिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनो की जरूरत ही नहीं होती और अगर होती तो बहुत कम होती और अगर देश की राजनीति से देश की अर्थव्यवस्था को सही रूप देना है तो नेताओं को एक ही जगह टिकट न दे उसकी काबिलियत का पता तब चलेगा जब अचानक उसको दूसरी जगह से टिकट दिया जाए अगर जनता के लिए काम किया होगा तो कही भी जीत जाएगा क्योंकि मीडिया सब कुछ जनता के सामने लाता रहता है जरूरी नही की सब को दोबारा टिकट मिले अगर जनता के प्रति सेवा भाव होगा तो वह नए इंसान की मदद करके उसको सफल नेता बनाए और जो 5 साल जनता के लिए कार्य न करे उसकी राजनीति में कोई जगह नहीं है अगर पूर्व मन्त्री विधायक चाहे तो समाज सेवक के रूप में भी कार्य कर सकता है 

   भारत की सभ्यता और संस्कृति में महापुरुषों की अपनी पहचान है, सबका साथ सबका सम्मान और सबका विकास और भारत के इतिहास में महापुरुषों की श्रेणी में आना है तो हमें भारत की इस पवित्र भूमि को पावन कर जाना। जीवन कर्मो की धारा है अब सोचना हमें है ऐसा नही है कि भारत की राजनीति में अच्छे नेता नही है,अच्छे हैं तभी देश के लिए अपना जीवन दिया और दे रहे हैं मेरे देश की राजनीति में ऐसे महापुरुषों के अनगिनत नाम है जिन्होंने इस धरती के लिए अपना बलिदान दिया है और आज भी भारत की राजनीति में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी आदरणीय श्रीअमित शाह जी आदरणीय श्री राजनाथ सिंह जी उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री आदरणीय योगी जी अनगिनत नाम आज भी जिंदा हैं जो भारत के उत्थान के लिए कार्यरत्त है और कुछ महापुरुष इस धरती से विदा लेकर अमर हो गए जो हमारे लिए प्रेरणा के स्रोत है उनकी भावना देश के प्रति एक दीप अंत्योदय की ओर प्रज्जलित करती है। 


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