Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Sunita Sharma Khatri

Drama


0.6  

Sunita Sharma Khatri

Drama


पश्चाताप की ज्वाला [ भाग 2 ]

पश्चाताप की ज्वाला [ भाग 2 ]

3 mins 7.6K 3 mins 7.6K

बडी बहन जब रीया का पत्र मिला तो वह बीमार थी बच्चों ने चुपके माँ को पत्र पढाया उसकी कुशलता के बारे में पता चलने पर वह खुश हो जाती है , छोटी बहन के माँ बनने की खबर दीदी के चेहरे को खुशियों से भर देते है वह माँ को बताती है कि वह परेशान न हो उनकी छोटी बेटी खुश है दीपक बहुत अच्छा है उसका बहुत ध्यान रखता है |

वक्त हर घाव को भर देता है | दीदी - जीजा व माँ खुश लेकिन पिता ने इस बात को स्वीकार न किया कि छोटी बेटी ने घर में बिना बताये विवाह किया उन्होने रीया माफ न किया।

दीदी ने रीया पत्र लिख अपनी कुशलता लिखी साथ उसे बधाई दी उन्होने कहा वह उससे नाराज नही है लेकिन वह एक बार अपने बारे में बता देती तो ज्यादा अच्छा रहता इस तरह घर से जा कर बिना बताये शादी करना ठीक नही इससे सबका दिल टूटा है छोटी व लाडली होने के कारण पिताजी का अरमान था काफी धुमधाम से ब्याह करवाने का किन्तु अब क्या हो सकता है | रीया अपना ख्याल रखना घर में माँ बच्चे तुम्हे बहुत याद करते है |

रीया को जब दीदी का पत्र मिली तो वह खुश हो गयी चलो घर में दाखिल होने का रास्ता तो मिला उसने दीपक को बताया वह मन ही मन मुस्कुरा उठा पर जाहिर न होने दिया |

जब रीया का बेटा हुआ तो उसने दीदी को दुबारा खत लिखा कि वह मौसी बन गयी है | दीदी को जह यह खबर मिली तो खुशी के मारे झुम उठी , बच्चे भी बहुत खुश हुए उनका भाई आया है | यह क्या!! नियति तो हंस रही धीरे धीरे , दीदी के ऊपर ....रीया की बडी बहन जीया ने पूरे घर में लड्डू बाँटे , "मै मौसी बन गयी , मै मौसी बन गयी "......, रीया उनकी एकमात्र बहन थी , बच्चे छोटे थे दिल का हाल उनसे कहती, " नन्नू , तू अब तू बडा भाई बन गया तेरा छोटा भाई आ चुका है , " पति उसे देख हंसता उसे बस इस बात की खुशी थी उसकी पत्नी जो इतने दिन से बिस्तर पकडे थे बहन की खुशी में उठ खडी हुई |

रीया के ससुराल वाले भी बहुत प्रसन्न हुए बहु ने पोता जो जना था वह था भी बहुत सुंदर माँ की तरह | दीपक ने रीया को अपनी बातों के जाल में फंसाना शुरू किया ,

" मुझे लग रहा है यहाँ तुम्हारी ठीक से देखभाल हो रही रीया तुम्हारा फूल सा चेहरा मुरझा रहा है , यह मुन्ना भी बहुत कमजोर है |

तुम अपनी दीदी से कहो अपने पास बुला ले वहाँ तुम्हारी अच्छी देखभाल होगी नानी है , मौसी है वह अच्छे से तुम्हारा ध्यान रखेगे , यहाँ तुम दोनो को कौन संभाले |"

रीया दीपक जैसे पति को पा निहाल थी उसे लगा उसे उसकी कितनी फ्रिक है , उसके फरेब को वह न पहचान पा रही थी |

रीया ने दीदी से पत्र में मिन्नत की कि वह उसे अपने पास बुला ले ससुराल में उसकी व मुन्ना की देखभाल करने के लिए कोई नही है दीपक सुबह ही काम के लिए निकल जाते है बाकी सदस्य भी नौकरी पेशा है , सभी सुबह से शाम तक घर बाहर होते है जिससे अकेले छोटे बच्चे के साथ उसे बहुत सी परेशाानियां होती है | माँ जब मुन्ना को देखेगी तो उनकी नाराजगी भी दूर हो जायेगी पिताजी से बात कर लो उसे लेने आ जाये उसे माफ कर दे , हाँ और नन्नू को भी साथ लाना वह भी अपने छोटे भाई को देखेगा तो बहुत खुश होगा |


Rate this content
Log in

More hindi story from Sunita Sharma Khatri

Similar hindi story from Drama