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सीमा भाटिया

Tragedy

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सीमा भाटिया

Tragedy

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रात के गहराते साये और नींद आँखों से बहुत दूर। बस एक बेबसी और बेचैनी से छटपटा रहा था वह, जबसे सुबह जेल के वार्डन ने बताया था कि आज फिर एक आठ वर्षीय लड़की का सामूहिक बलात्कार कर उसे मार दिया गया है और वह कुकृत्य भी एक धार्मिक स्थल पर हुआ। भरत का कसूर तो बस इतना ही था कि अपनी बहन से छेड़छाड़ करने वाले मोहल्ले के ही धर्मदास की पिटाई कर दी थी और छह महीने के लिए जेल हो गई थी।

"और गेंगरेप के आरोपियों के कत्ल के आरोप में कानून को हाथ में लेने के जुर्म में मुजरिम भरत कुमार को दफा तीन सौ दो के तहत फांसी की सजा सुनाई जाती है। "एक नई सुबह का आगाज होने को था, पर स्वप्न देखते हुए भरत के चेहरे पर संतोष भरी मुस्कान थी।


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