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Vimla Jain

Abstract

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Vimla Jain

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परिवार संग मस्तानी शाम का मजा

परिवार संग मस्तानी शाम का मजा

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वह शामें बहुत ही सुहावनी बहुत ही मनमोहक थी। क्योंकि 2 साल कोरोना के बाद सबको आश्चर्यचकित करते हुए सब बच्चे एक साथ शामिल हुए। देश विदेश से घर को आए और हम को एकदम खुशियां दे गए हैं उस समय का चित्रण।सब बच्चों के आने से मधुर सुहानी शाम में आज हमारा मन बहुत खुश है। क्योंकि पूरा परिवार साथ है।हमने बनाया यह नियम है सुबह का खाना हम घर का बना खाएंगे ।शाम को हम बड़ौदा की प्रसिद्ध जगह के प्रसिद्ध नाश्ता खाएंगे।उसी क्रम में आज मनमोहन के समोसे की बारी है उसके साथ में कला केंद्र पर विभिन्न तरह के नाश्ते मसाला ढोकला खमन पात्रा सेव खमणी राजस्थान कुल्फी वाले की आइसक्रीम यह सब आज शाम के नाश्ते में शामिल था।आज तो मजा ही आ गया 2 साल से हमने बाहर का कहीं नहीं खाया और आज हमने इतना सारा नाश्ता सब बच्चों के साथ बैठकर बातों के टोल टप्पे करते हुए मस्ती करते हुए किया।

कल का भी प्लान कर लिया कल हमको जगदीश के खमण लाने हैं। खेतेश्वर की कचोरी लानी हैं।बुमिया के रसगुल्ले लाने हैं। साथ में भाग्योदय की रबड़ी लानी है।और घर में चाय दूध बनाना है इस तरह से अपने शाम के नाश्ते के समय को रंगीन बनाना है बच्चों के साथ में मौज मनाना है।उसके बाद के दिन सपरिवार साउथ कॉर्नर पर जाना है वहां पर बहुत तरह-तरह के डोसे मिलते हैं। उसके पड़ोस में ही पपड़ी नो लोट और हांडवा मिलता है गरमा गरम उन सब की मौज बनानी है।

जब साथ में रहने का समय कम है तो क्वालिटी टाइम स्पेंड करने का क्वांटिटी टाइम नहीं।हम लोग वही करते हैं कम दिन के लिए बाहर देश विदेशों से आने वाले बच्चे उनकी सारी ख्वाहिशों को तो पूरा करना होता है ।क्योंकि बड़ौदा की यादें खाने के साथ भी बहुत जुड़ी होती है। मां के हाथ का खाना तो सुबह में मिल जाता है। और साथ में दूसरी खाने की यादें भी पूरी हो जाती है ।नाश्ते की यादें जो यहां बहुत अच्छा मिलता है ।आप भी आइए बड़ौदा और करिए नाश्ता शाम का हमारे साथ।सुबह तो घर की दाल रोटी ही मिलेगी।

  




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