परिंदे
परिंदे
काकी आँगन में बैठी चिड़िया का घोंसला देख रही थीं जिसमे चिड़िया अकेली बैठी थी।कुछ दिन पहले तक बच्चों की चीं चीं चूँ चूँ से आँगन गुलजार था।काकी कभी चिड़िया का घोंसला देखतीं कभी अपना घर, जो उन्हें चिड़िया के घोंसले सा नज़र आ रहा था।
