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Ravi Ranjan Goswami

Drama

3  

Ravi Ranjan Goswami

Drama

प्रैक्टिकल

प्रैक्टिकल

4 mins
550

पायल 12 वीं क्लास में पढ़ती थी। उसके घर में उसके माता पिता एक छोटा भाई था। उसका घर कानपुर की एक पतली गली में था। घर के आगे एक दो फुट चौड़ा चबूतरा था। एक दिन वो निरुद्देश्य चबूतरे पर खड़ी थी। तभी देवेश वहाँ से निकला। देवेश को वो पहले भी देख चुकी थी। गली के दूसरे छोर पर उसका घर था। वो ये भी जानती थी देवेश 12 वीं में पढ़ता था और पढ़ने में तेज था। वो उसे खेलते हुए, बाज़ार से तरकारी लाते हुए, साइकिल से स्कूल जाते हुए देख चुकी थी। किन्तु उस दिन जब देवेश ने नज़र उठाकर पायल को देखा और पायल की नजर उससे लड़ी अचानक पायल की धड़कन तेज हो गयी।

अब उसे फिर देवेश को देखने की इच्छा होने लगी। वह अंदर चली गयी और गली की ओर खुलने वाली खिड़की के पास खड़ी होकर देवेश की प्रतीक्षा करने लगी। उसका मन बोल रहा था देवेश थोड़ी देर में उसी रास्ते से लौटेगा।

थोड़ी देर में देवेश लौटा देवेश को उसने गौर से देखा। बिखरे हुए बाल, लंबी नाक, लंबे और पतले शरीर का लड़का उसे भा गया था। उसने तीन चार सेकंड ही देवेश को देख पाया होगा। रक्त के बढ़े हुए प्रवाह से उसके कान गरम हो गये।

दूसरे दिन स्कूल में छुट्टी के बाद उसने अपनी पक्की सहेली नमिता से कह दिया, “नमिता एक सीक्रेट है।”

नमिता बोली, “मुझे भी नहीं बता सकती, क्या इतना सीक्रेट है ?”

पायल ने कहा, “तुझे बताए बिना मुझे चैन भी तो नहीं आएगा।“

नमिता ने कहा, “बता ऐसी क्या खास बात है।”

पायल ने उसके कान में फुसफुसाया, “मुझे प्यार हो गया है।”

“किससे, कब और कैसे ?” नमिता ने एक सांस में तीन प्रश्न कर डाले।

पायल ने कहा, “देवेश से, कल शाम, कैसे ? पता नहीं, बस हो गया।

नमिता ने पूछा, “देवेश कौन है ?क्या करता है ?

पायल बोली, “मेरी गली में रहता है। 12वीं में पढ़ता है।“

नमिता ने पूछा, “किस स्कूल में पढ़ता है।”

पायल ने बताया, “जी आई सी में पढ़ता है।”

नमिता बोली, “धत तेरे की। अपना विद्यालय क्या बुरा था।चक्कर ही चलाना था तो अपने स्कूल के लड़के से चलाती। कम से कम शान से बॉय फ्रेंड के साथ स्कूल में घूमती। सुजा,उषा,रानी के बोयफ्रेंड हैं तो वे कितने घमंड से घूमती हैं।

पायल भी एक बार सोच में पड़ गयी।

वह नमिता से बोली, “ अभी कुछ पक्का नहीं है। शुरुआत है। अभी बात चीत भी नहीं हुई।

नमिता बोली, “तू भी अजीब है। उससे बात कर। उसे तेरी फीलिंग तो मालूम हो।

पायल बोली, “हाँ, करूंगी।”

नमिता बोली, “ओ के अब घर जाते हैं। बाकी बातें कल। टाटा।

पायल ने भी हाथ हिला कर बाय कहा। दोनों अपने अपने घर चली गयीं।

पायल ने घर आकर ड्रेस बदली, खाना खाया और गली की तरफ बाली खिड़की के पास जाकर खड़ी हो गयी। वो देवेश के निकलने का इंतजार करने लगी और सोचने लगी जब वो देवेश से बात करेगी तो क्या बात करेगी ?”लेकिन उस दिन देवेश दिखा ही नहीं।

अगले दिन पायल और नमिता स्कूल की छुट्टी के बाद स्कूल के बरामदे में खड़ी थीं। सामने से बिखरे बालों वाला ईशांत आ रहा था। पास आकर उसने दोनों लड़कियों को हाई किया। पायल को आज ईशांत भी विशेष आकर्षक लगा। उसकी कसी हुई यूनिफ़ोर्म से जिम में तैयार किये कट्स उभर कर झलक देते थे। और बिखरे बाल तो जैसे पायल की कमजोरी थी। ईशांत काफी दिनों से पायल में दिलचस्पी दिखा रहा था। लेकिन पायल ने हेलो हाय से ज्यादा लिफ्ट नहीं दी थी। आज बोल दी, “ हैलो ईशांत कैसे हो ?”

ईशांत बोला, “कल पापा ने नई पल्सर बाइक दिलायी है।“

पायल मुस्कराते हुए बोली, “बधाई। लेकिन किस खुशी में पापा ने बाइक दिलायी ?”

“कल मेरा 18 वां जन्म दिन था और मैंने उनको प्रोमिस किया है इस बार मैं अच्छे ग्रेड से 12 वीं पास होऊंगा।” ईशांत ने बताया।

फिर ईशांत ने पायल से कहा, “पर तुम को मेरी हेल्प करनी होगी।“

“करोगी न ?” उसने पूछा।

“हाँ मुझसे हो पाएगी तो अवश्य करूंगी।” पायल ने कहा।

ईशांत ने अपना दाहिना हाथ आगे बढ़ा दिया और प्रश्न किया, “प्रोमिस ?”

पायल ने हाथ मिलाकर कहा, “प्रोमिस।“

पायल ने कहा, “अब चलती हूँ।“

ईशांत ने कहा, “ओके, सी यू।“

इस बीच नमिता थोड़ा हट के खड़ी रही।

पायल नमिता के पास आ गयीं और दोनों घर के लिए चल दीं।

रास्ते में नमिता ने पूछा, “देवेश से बात करोगी ?”

“क्यो नहीं करूंगी मेरा पड़ोसी है। ”पायल ने कहा।

“और ईशांत।“

“बेचारा बहुत दिनों से मुझसे दोस्ती करना चाहता था और सुजा, उषा, रानी जैसी घमंडी लड़कियों को जवाब भी तो देना था, पायल ने कहा।

नमिता बोली, “तू बड़ी प्रैक्टिकल है।“

पायल ने कहा, “लेकिन गुरु तू है।“

फिर दोनों हंस पड़ीं और अपने अपने घर को चली गयीं।


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