Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!
Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!

Jogender Singh(Jogi)

Comedy


4.4  

Jogender Singh(Jogi)

Comedy


पप्पू

पप्पू

3 mins 329 3 mins 329

सुग्रीव खाना देने आया था, टिफिन दरवाज़े के बाहर रखने की आवाज़ आयी ! सुनो मैं चिल्लाया, हीरेंद्र दौड़ कर उसे बुला लाया था। हीरेद्र मेरा रूम पार्टनर था। दो साल से हम लोग साथ साथ थे, यह अलग बात है कि हम लोगो के रूम नंबर बदल जाते। पहले इक्यावन, फिर छप्पन, अब पचास।

सुनो यह चिट्ठी 54 नंबर साहिब को देनी है। मैंने सुग्रीव से कहा। साहब, आप खुद दे दो। मुझे डर लगता है,54 वाले साहब बहुत मारते हैं। वो मारे न मारे मै तुम्हे बहुत मारूंगा हिरेंद्र गुस्से से बोला। देखो सुग्रीव तुम एक अच्छे लड़के हो, हो ना। रहने दो साहब पिछली बार जोशी साहब ने एक चांटा मार दिया था, आप दोनों की वजह से। अरे भाई एक ही चांटा और सौ रुपए, सोचो 54 नंबर वाले साहब ऐसे नहीं हैं। मैं नहीं दूंगा साहब।

सुनो सुग्रीव मै उसको मैस की तरफ़ ले गया, हॉल में एक टीटी टेबल पड़ी थी, मैं उसके किनारे बैठ गया। तुम्हारा एक दोस्त गर्ल्स हॉस्टल में है ना ? क्या नाम है उसका ? बिट्टू, सुग्रीव ने बताया। तो देखो, यह चिठ्ठी लो, यह पचास रुपए। साहब से कहना कि तुम्हारा दोस्त बिट्टू आया था, चिट्ठी लेकर, उसने तुम्हे दी। पचास रुपए बाद में। सुग्रीव हिचकते हुए चला गया। दो मिनट बाद ही वापिस आ गया, मुझ से नहीं होगा। बेटा जा, नहीं तो समझ लेना। पांच मिनट बाद सुग्रीव आया, लाइए पचास रुपए। अरे पहले बताओ क्या हुआ? अरे साहब ने चिट्ठी देखते ही कुछ पूछा ही नहीं, यह बीस रुपए दिए और बोला तुम जाओ। शाबाश मेरे शेर। मैने एक धप्प उसकी पीठ पर मारा। साहब पैसे ? पचास रुपए हिरेंद्र देगा।

जैसे ही कमरे में पहुंचा रजनीश दौड़ा दौड़ा आया, (रजनीश 54 नंबर में रहता है) अबे जोगी देख यह क्या है? मैने बेमन से कहा क्या है? मुझे तो पता था क्या है, एक चिट्ठी जो मैने हीरेंद्र की सुंदर राइटिंग में लिखवाई थी। कल रात, एक लड़की की तरफ़ से,अरे देख भाई गर्ल्स हॉस्टल से आई है? अपने आप चल कर,मैने बेरुखी से कहा। अरे नहीं वो मैस का लड़का दे गया? कौन सुग्रीव, वो तो हम लोगो की मैस का है, गर्ल्स हॉस्टल कब गया? अरे नहीं उसका कोई दोस्त दे गया उसको।

अच्छा दिखा। ये देख उसने सीना चौड़ा कर चिट्ठी मेरी तरफ बड़ाई। मैने अनवर, वेद, अमन सब को बुला लिया। ज़ोर ज़ोर से चिट्ठी पड़ कर सुनाई।

माइ डियर रजनीश,

स्नैप यू टुक केम एक्स्ट्रा ऑर्डिनारिली गुड, प्लीज कम फॉर लंच एट टू पीएम। वी विल हेव ए ग्रेट टाइम टुगेदर।

अरे भाई मार दिया चौका, अमन बोला। पार्टी तो बनती है? हां पार्टी तो होनी चाहिए, सब एक साथ बोले। ठीक है चलते है? हरेंद्र को भी बुला लो। एकाएक रजनीश को जाने क्या सूझा हीरेंद्र की कॉपी लेकर चिट्ठी की राइटिंग मिलाने लगा। अरे यह तो बिल्कुल ऐसा ही डी है डियर में? हिरेद्र ने लिखी है क्या। गई भैंस पानी में, एक दूसरे का चेहरा देखा, दुनिया भर की गंभीरता चेहरे पर ओड कर मैं बोला, डी तो बिल्कुल मिल रहा है, पर इसने लिखी कब होगी? रात को मुझ से पहले सो गया था, सुबह मेरे बाद जागा। हो सकता है लिख दी हो बीच में। रजनीश को एक बार फिर विश्वास हो गया। तभी हिरेंद्र भी आ गया।

सभी लोग बाहर से खा पी कर, वापिस आ रहे थे, रजनीश ने बहुत प्रेम से खिलाया था। मैने धीरे से वेद से कहा, बता दो इसको। वेद ने रजनीश से कहा हीरेंद्र ने ही लिखी थी चिट्ठी। तुम्हारा पप्पू बना दिया। मै पहले ही कह रहा था, डी मिल रहा है। हां भाई तुम हो ही पैदाइशी इंटेलिजेंट। , सब ज़ोर से हंस पड़े। कोई नहीं एक दिन मेरा भी आएगारजनीश बोला।"आज के जैसा," तो रोज़ आए,अमन बोला। सब खिलखिला कर हंस पड़े।


Rate this content
Log in

More hindi story from Jogender Singh(Jogi)

Similar hindi story from Comedy