आशीष त्रिपाठी

Tragedy


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आशीष त्रिपाठी

Tragedy


नाइस पिक

नाइस पिक

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वर्मा जी की उम्र यही कोई पचास के आस - पास होगी। फेसबुक पर नए - नए आये हैं । एक दिन पत्नी के साथ बाहर डिनर पर गए और एक अच्छा सा फोटो खींचकर अपलोड कर दिया । 


रश्मि दोस्तों के साथ लांग ड्राइव पर जा रही थी । स्क्रॉल करते हुए उसकी नजर उस फोटो पर पड़ी । उसने कुछ दिन पहले ही वर्मा जी को ऐड किया था , चार म्यूचअल देख कर । फोटो देख उसकी हँसी नहीं रुक रही थी , वर्मा जी गंजे थे , चेहरे पर इतनी झाइंया कि पूछो मत । उनका तो चलो ठीक था लेकिन उनकी पत्नी पूरी कार्टून लग रही थीं , थुलथुल शरीर , बाहर निकले दाँत , उस पर वो मुस्कुराहट ....उफ , कयामत तो यह थी कि बंदी ने हाथ की उंगलियों से दिल भी बना रखा था । 


-"माँ कसम ! ये अंकल - आंटी लोग हँसा - हँसा कर जान ले लेंगे यार ".....रश्मि का हँसते हुए बुरा हाल था , उसने फोटो पर लाफ़ रियेक्शन देने के बाद कहा ।


दोस्त भी मोबाइल लेकर देखने लगे थे , तब तक किसी की कॉल आई । मोबाइल रश्मि ने ले लिया , माँ की कॉल थी , बात हुई , उसके बाद मन एकदम से उदास हो गया । माँ से उसके पापा का फिर झगड़ा हुआ था । सहसा उस फोटो का ध्यान आया , जाकर रियेक्शन बदला और कमेन्ट में नाइस पिक लिखकर एक दिल वाला स्टिकर चिपका दिया । 


वो याद कर रही थी ऐसी कोई पिक जिसमें उसके मम्मी - पापा एक साथ इतने खुश रहे हों । न तो उसकी स्मृति में ऐसा कोई पल था और न ही मोबाइल की गैलरी में ऐसी कोई फोटो । जबकि उसके मम्मी - पापा काफी सुंदर और सजीले हैं , रोज जिम जाते हैं ।


इधर वर्मा जी ने रिप्लाई दिया - " खूब खुश रहो बेटा ! बहुत बहुत आशीष "


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