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Dollie Mishra

Abstract

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Dollie Mishra

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मूर्ति

मूर्ति

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प्राचीन यूनान में बहुत सारे देवता थे, जैसे वायु, अग्नि, जल आदि। देवता इंद्र इन सबसे महान माने जाते थे। उनकी पत्नी भी थीं। उनका नाम था देवी इंद्रेश्वरी। इनके चेले का नाम था सिद्धेश्वर। वह भी बहुत पूजनीय थे।

एक दिन सिद्धेश्वर ने सोचा कि," जब मैं इतना पूजनीय हूं तो क्यों ना मैं एक दिन भूलोक घूम लूं।

और वह भूलोक ( पृथ्वी )पर आ गए। वे एक साधारण आदमी की वेशभूषा में टहल रहे थे। अचानक उन्होंने देखा कि वहां एक मूर्तिकार था। वहां देवता इंद्र, देवी इंद्रेश्वरी और सिद्धेश्वर की मूर्ति थी। उन्होंने सोचा कि," मैं इनका दाम पता करता हूं।"

वे उधर गए और पूछा कि यह देवता इंद्र की मूर्ति का क्या भाव है ?

दुकानदार ने कहा," ₹5000"

"देवी इंद्रेश्वरी की मूर्ति का क्या भाव है ?"

"₹8000"

सिद्धेश्वर ने सोचा," यदि यह दोनों मूर्तियां इतनी सस्ती है तो मेरी मूर्ति जरूर महंगी होगी ?

"देवता सिद्धेश्वर की मूर्ति का क्या भाव है ?

क्या आप सब सोच सकते हैं कि उनकी मूर्ति का क्या भाव होगा ?

चलिए मैं आपको बताती हूं !

मूर्तिकार ने भी सोचा कि शायद यह आदमी तीनों मूर्तियां खरीदेगा।

इसलिए उसने कह दिया कि यह मूर्ति मुफ्त हैं।

बेचारे सिद्धेश्वर को बहुत गुस्सा आया और वे उसी समय स्वर्ग लोक वापिस आ गए।

उस दिन उनकी आंखें खुल गईं और उन्होंने समझ लिया कि कभी भी अपने आप को किसी से बड़ा नहीं समझना चाहिए!!


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