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PRATAP CHAUHAN

Inspirational

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PRATAP CHAUHAN

Inspirational

मेरिट लिस्ट

मेरिट लिस्ट

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वो दिन था एक ऐसी जीत का, जिसके लिये मैंने बरसों तक इंतजार किया था। ख़ुशी से मेरा हृदय उछल रहा था। खुशी क्यों ना हो? मेरा शिक्षक बनने का एक सपना जो साकार हुआ था । आइये कहानी को प्रारम्भ से प्रारम्भ करते हैं।


दरअसल मेरे मातापिता मुझे किसान बनाना चाहते थे।उनका कहना था सब नौकरी करेंगे तो खेती कौन करेगा ? मैंने कहा बात तो सही है किसी को किसान भी बनना चाहिये । लेकिन मेरी दादी जी ने कहा :- बेटा शिक्षा को नौकरी से मत जोड़ो। खुद को शिक्षित करने के लिये शिक्षा अर्जित करो । तुम आज से प्रतिदिन विद्यालय जाओगे यह मेरा आदेश है । दादी जी ने मुझे कक्षा 8 तक अपने खर्चे से पढ़ाया । जब दादी जी दुनिया में नहीं रहीं तब मैं खुद मजदूरी करके अपनी पढ़ाई का खर्चा निकालता मैं रोज रात को 4 घंटे मजदूरी करता और सुबह कॉलेज जाता। इंटरमीडिएट करने के बाद आर्मी, कोस्ट गार्ड, और नेवी की भर्ती परीक्षाएं दीं । तीन बार असफल हुआ फिर चौथी बार जब नेवी की भर्ती परीक्षा दी तब भी मेरिट में नाम नहीं आया। मेरा नाम वेटिंग लिस्ट में आया ।यह देख मुझे बहुत निराशा हुई । ऐसा लगा कि मैं कुछ भी करने के योग्य नहीं हूँ । अब मुझे नहीं जीना है । नकारात्मक विचारों ने मुझे कमजोर कर दिया था । तभी दो दिन बाद नेवी ऑफिस से एक टेलीग्राम आया जिसमें लिखा था "कम सुन ". अर्थात मुझे नेवी ने नियुक्त कर लिया था। नेवी में 15 साल सेवा की। सेवा के दौराम हर साल छुट्टी लेकर गाँव आता तब मैं गाँव के विद्यालय में शिक्षकों को पढ़ाते देखता तो मेरे मन में एक शिक्षक बनने की लालसा जागती। मैंने ठान लिया कि स्नातक की शिक्षा पूर्ण करके एक शिक्षक बनूँगा । 15 बर्ष बाद नौसेना से सेवानिवृति लेकर वापस गाँव आया । यहाँ आ करके मैंने बी.ए. किया और बी. टी. सी. के लिये आवेदन किया । भूतपूर्व सैनिक की श्रेणी की मेरिट लिस्ट बनी। उस लिस्ट में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान पाकर जिला डाइट में शिक्षक बनने हेतु प्रवेश प्राप्त किया ।


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