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Man Singh Negi

Fantasy Inspirational

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Man Singh Negi

Fantasy Inspirational

मेरा अशरफ मेरा अब्दुल्ला मेरा आफताब

मेरा अशरफ मेरा अब्दुल्ला मेरा आफताब

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आज मैं आपको सच्ची घटना से रूबरू करवाने जा रहा हूं।


जिसे पढ़कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।


जिसे पढ़कर आपके दिमाग की बत्ती अवश्य जलनी चाहिए।


अगर मेरे इतने प्रयास के पश्चात भी आपकी दिमाग की बत्ती नहीं जलती है तो आप समझ लीजिए आपने अपना जीवन स्वयं से बर्बाद कर लिया है।


आपने स्वयं से कह दिया है आ बैल मुझे मार। 


या आप उस वृक्ष पर बैठी हैं जिस वृक्ष पर सांप ही सांप चल रहे हैं। 


या हो सकता है आप इन सांपों से लड़ने का साहस रखती हो ।


या आप यह सोचती हो की मैं इनसे बच कर निकल जाऊंगी। 


तो आप यह भी जान ले। आप क्या सोचती है क्या समझती है क्या जानती है। 


इससे किसी भी व्यक्ति को घंटा फर्क नहीं पड़ता। 


आज न जाने कितने प्रकार के जिहाद हिंदू राष्ट्र भारत में चल रहे हैं।


मैं समझता हूं जितने भी जिहाद भारत में चल रहे हैं। 


उतने जिहाद किसी और देश में नहीं चल सकते।


जितने जिहाद भारत में चल रहे हैं।


उसका आधा परसेंट भी जिहाद मुस्लिम देश में नहीं चल सकता। 


आप मेरी इस कहानी का जो सत्य घटना पर आधारित है। उसका एक-एक शब्द ध्यान से सोच समझ कर पढ़ना।  


अगर उसके पश्चात भी आप सावधान नहीं रहती है। अगर उसके पश्चात भी आप सतर्क नहीं रहती हैं। अगर उसके पश्चात भी आप किसी लव जिहाद में फंस जाती है। 


तो यह सिर्फ और सिर्फ आपका ही दोष होगा 


रमेश ने कहा आज किसका दोष किस पर मढ़ा जा रहा है।


मैंने कहा किसी का भी दोष किसी पर नहीं मढ़ा जा रहा। 


मैं एक प्रयास कर रहा हूं अपनी हिंदू बेटियों को यह समझाने का सच्ची घटना के द्वारा आपका जीवन आपके माता-पिता के लिए ही नहीं बहुत से रिश्तो के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


जैसा कि अपने हिंदू परिवार में जन्म लिया है। 


हिंदू राष्ट्र भारत में जन्म लिया है। तो आपको यह समझना चाहिए आपके संस्कार किस प्रकार के हैं। 


आपकी परंपरा आपके रीति रिवाज आपके सांस्कृतिक कार्यक्रम आपकी हिंदू प्रथा किस प्रकार की है।


यह समझना सबसे पहले हिंदू बेटियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।


रमेश ने पूछा आज अचानक भारतीय परंपरा और संस्कृति का आपको कैसे बोध हो गया।


मैंने कहा भाई रमेश हर समय मजाक नहीं चला करता।


आपने शायद गौर नहीं किया मैंने आपसे कहा मैं आज जो लिखने जा रहा हूं। 


वह कहानी मात्र कहानी न होकर सत्य घटना पर आधारित वह ज्वलंत उदाहरण है। 


जिसे हर हिंदू बेटियों को समझना चाहिए।


आपको भी इस कहानी में मेरा सहायक बनकर इस प्रकार चलना चाहिए जिससे हिंदू भारत राष्ट्र में हिंदू बेटियों का जीवन मुस्लिम समाज के द्वारा बर्बाद ना हो।


रमेश क्या तुम जानते हो आजकल लव जिहाद के चलते मौलाना हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसने के लिए कोचिंग सेंटर चला रहे हैं।


रमेश ने आश्चर्यचकित भरी आंखों से देखते हुए पूछा क्या बात कह रहे हो ऐसा नहीं हो सकता।


मैंने कहा रमेश जिस प्रकार आप मानने को तैयार नहीं हो। ठीक उसी प्रकार हिंदू बेटियां भी यह मानने को तैयार नहीं है। 


रमेश ने पूछा हिंदू बेटियां क्या मानने को तैयार नहीं है। 


मैंने कहा हिंदू बेटियों को सबसे पहले यह अंतर समझना चाहिए की मुस्लिम और हिंदू लड़कों में क्या अंतर है।


रमेश ने पूछा आप ही बताएं हिंदू और मुस्लिम लड़के में क्या अंतर है।


मैंने कहा हिंदू लड़के अधिकतर दोनों ही प्रकार के हो सकते हैं। रमेश ने पूछा कहने का क्या तात्पर्य है।


मैंने कहा इसका तात्पर्य यह है की हिंदू लड़के गोरे एवं काले दोनों प्रकार के हो सकते हैं। 


परंतु मुस्लिम अधिकतर गोरे होते हैं। उनकी आंखें हिंदू लड़कों की तुलना में कुछ बड़ी होती हैं। मुस्लिम लड़के के बोलने का लहजा हिंदू लड़के से बिल्कुल विपरीत होता है।


मुस्लिम लड़के अधिकतर लंबे ही होते हैं। 


उनके चेहरे से आपको स्पष्ट हो सकता है। वह मुस्लिम आपका कभी भी दोस्त नहीं हो सकता। 


रमेश ने कहा आप बता रहे थे मौलाना हिंदू लड़कियों को फसाने के लिए कोचिंग सेंटर चला रहे हैं।


क्या आप बता सकते हो उन कोचिंग सेंटर में मौलाना किस प्रकार का प्रशिक्षण दे रहे हैं।


या यू कहे उन कोचिंग सेंटर में मौलाना किस प्रकार की शिक्षा दे रहे हैं।


मैंने कहा मौलाना लव जिहाद के चलते अपने-अपने कोचिंग सेंटर में मुस्लिम लड़कों को शिक्षा दे रहे हैं।


हिंदू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में किस प्रकार फसाना है। 


रमेश ने पूछा आप यह कैसे कह सकते हैं।


मौलाना हिंदू लड़कियों को फसाने के लिए कोचिंग सेंटर चला रहे हैं।


मैंने कहा रमेश में अच्छी तरह जानता हूं।


आजकल लव जिहाद की चलते इस प्रकार की शिक्षा वायरल वीडियो के माध्यम से सब के संज्ञान में है।


बावजूद इसके कोई भी लव जिहाद को प्रतिबंधित करने के लिए आवाज नहीं उठा रहा है। 


अधिकतर हिंदू जानते हैं लव जिहाद के चलते उनकी बेटियों का जीवन दाव पर लगा हुआ है। 


फिर भी वह अपनी आवाज को बुलंद नहीं करते रमेश हद तब हो जाती है। 


जब हिंदू लड़कियां ही मुस्लिम लड़के के प्यार में लव जिहाद को बढ़ावा देते हुए कहती है।


मेरा आफताब मेरा अशरफ मेरा अब्दुल्ला तुम्हारा जैसा नहीं है। 


रमेश हद तो तब हो जाती है जब सुमन का सरिता का अर्चना का आराधना का अब्दुल्ला एक जैसा ही निकलता है।


रमेश ने फिर पूछा आप क्या कहना चाहते हैं। मेरी समझ से परे हैं।


मैंने कहा जब इतनी सरल और स्पष्ट बातें आपकी समझ में नहीं आ रही। तो उन चालाकियों से भरे मस्तिष्क और मन को हिंदू लड़कियां किस प्रकार समझ सकती है कि सबका अब्दुल्ला एक जैसा ही होता है।


हिंदू लड़कियां कैसे समझ पाएंगी जिसने हाथ में कलावा पहना है। जिसने माथे पर तिलक लगा रखा है। 


हिंदू परंपरा के अनुसार गले में माला पहन रखी है। 


वह वास्तव में अमर न होकर अब्दुल्ला है। 


मैंने कहा रमेश मौलाना इसी प्रकार की शिक्षा अपने कोचिंग सेंटर में मुस्लिम लड़कों को देते हैं। 


उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ हिंदू लड़कियों को बच्चे पैदा करने की मशीन मात्र समझा जाता है।


जिन्हें शादी करने के पश्चात दूसरों को बेच दिया जाता है


जब कोई सरिता कोई अर्चना कोई आराधना लव जिहाद के चलते हुए निकाह के माध्यम से दूसरे को बेच दी जाती है।


तब तक इतनी देर हो जाती है। जहां सिर्फ यही कह सकते हैं। सांप निकल गया अब लाठी पीटने से क्या फायदा। 


या यूं भी कहा जा सकता है अब पछताए क्या होत है जब चिड़िया चुग गई खेत। 


रमेश शायद तुम यह नहीं जानते लव जिहाद के चलते न जाने कितनी हिंदू बेटियों ने अपनी जान को गवा दिया है।


जो हिंदू बेटी है कहती हैं उनका अब्दुल्ला उनका अशरफ उनका आफताब तेरे जैसा नहीं है।


उन हिंदू लड़कियों को अब यह समझना चाहिए सबका आफताब सबका अशरफ सबका अब्दुल्ला एक ही होता है।


क्योंकि श्रद्धा हो या कोई और न जाने कितनी हिंदू लड़कियों को काट काट कर फ्रिज में जमा दिया गया। 


हिंदू लड़कियों अंत में यह कहना चाहूंगा।


मुस्लिम लड़कों को पहचानने की मुस्लिम लड़कों को दिमागी तौर पर पढ़ने की आदत बना ले। 


आपको यह समझना होगा हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़कों के बात करने के लहजे में क्या अंतर है।


जो भी आपसे दोस्ती करना चाहता है।


उससे दोस्ती करने से पहले उसके फ्रेंड सर्कल का अवश्य पता कर ले।


कहीं ऐसा ना हो कोई अब्दुल्ला अमर बनकर आपसे मिल रहा हो।


हिंदू बेटियों से यह भी मैं कहना चाहता हूं। जो भी लड़का जो भी अब्दुल्ला आपसे अमर बनाकर मिल रहा है। 


उससे जय श्री राम के नारे लगवाए उसे भारत माता की जय कहलाए उसे गौ माता की जय कहलवाए उसे वंदे मातरम बुलवाएं।


जब अब्दुल्ला से बना अमर भारत माता के नारे लगाएगा भारत माता की जय कहेगा जब वह वंदे मातरम् बोलेगा जब वह वंदे मातरम् बोलेगा जब वह भारत माता की जय बोलेगा तो आपने उसके चेहरे पर आते जाते हाव भाव को बड़ी चालाकी से भांपना है। 


आपको यहीं पर नहीं रुकना है आपने यह भी कहना है कोई भी मुस्लिम महा कुंभ में या किसी भी हिंदू त्यौहार में मुस्लिम का आना पूर्ण रूप से मना है।


जहां भी हिंदुओं का त्यौहार मनाया जाएगा उसके कई कोसों दूर तक किसी भी मुस्लिम की दुकान वहां पर नहीं लगेगी। 


आपको यह सब कहते हुए बड़ी सावधानी के साथ उनके चेहरे पर आते जाते भावों को उनके माथे पर पड़े शिकन को उनके हाथ पैरों के भाव को अवश्य पढ़ लेना।


यदि आपने उसे पढ़ लिया तो हो सकता है। 


आपका जीवन और न जाने कितनों का जीवन बर्बाद होने से बच जाएगा। 


हिंदू बेटियों से अंत में यही कहूंगा बेटा सबका अब्दुल्ला सबका अशरफ सबका आफताब एक जैसा होता है। 


सावधान हो जाए इन बकरियों के खाल में छुपे हुए भेड़ियों से।


मैं हिंदू बेटियों से यह भी कहना चाहता हूँ । उन्हें मंदिर ले जाये आरती करवाए प्रसाद खिलाए। यह सब करते हुए भी उसके हाव भाव को अवश्य पढ़े। कही वह अमर के भेष में अब्दुल्ला तो नहीं है। 


हिंदू बेटियों सावधान रहो सतर्क रहो इस लव जिहाद से। 


इतिश्री


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