मातृभाषा
मातृभाषा
शेखर यूपी का और उसकी शादी हुई तमिल भाषी यामिनी से। यामिनी अच्छी हिंदी बोलना जानती थी क्योंकि वह यूपी में रहकर पढ़ी थी।
शादी के कुछ समय बाद दोनों यामिनी के मायके गए। स्वागत सत्कार के बाद यामिनी तो अपनी मां बहन से तमिल में बात करने लगी।
शेखर को कुछ समझ नहीं आया, तो वह बोर होने लगा।
यामिनी बोली,
"जब मैं यूपी में होती हूं तो वहां की "मां की भाषा" बोलती हूं। यहां मैं यहां की "मां की भाषा" में ही बात करूंगी न। इसीलिए "मां की भाषा" को मातृभाषा कहा गया है।"
शेखर मुस्कुरा दिया।

