क्यू छोड़ देते हैं
क्यू छोड़ देते हैं
क्यू छोड़ देते है
लेखक मान सिंह नेगी
गोली से भी तेज चलती है कलम
Vestige Direct Selling Marketing pvt Ltd को कुछ समय करने के पश्चात लोग क्यू छोड़ देते है।
क्युकी अमीर बनने की सोचना और अमीर बनने में बहुत बड़ा फैसला होता है।
अमीर बनना हर कोई चाहता है परंतु अमीर बनने के लिए जो पापड़ बेलने पड़ते है।
वह उसे उसी प्रकार भूल जाते है। जैसे मां उन्हें रोटी खिलाती है।
बस वह यह जानते है हमारी मां ने रोटी बनाई है। हमारा पेट भर गया। अब हमें किसी चीज की जरूरत नहीं है। हमारी मां हमारी सारी कमी पूरी कर देती है।
पुष्पा जब किसी का पेट भरा होता है। तो वह काम करने का इच्छुक नहीं होता। यह कड़वा है परंतु सत्य है।
पुष्पा ने कहा यह बात आप कैसे कह सकते हो।
मैंने कहा पुष्पा व्यक्ति तभी काम करता है जब उसके पिछवाड़े में आग लगी हो। ना कि तब जब पेट की आग शांत हो।
पेट और पिछवाड़े की आग व्यक्ति से वह भी करवाती है। जो वह नहीं कर सकता है। या वह नहीं करना चाहता।
पुष्पा आप ही बताओ जब तुम खाना बनाती हो तो क्या खाना बनाना आसान होता है।
यदि नहीं तो पैसा कमाना भी आसान नहीं है। यह कैसे सोचा या माना जा सकता है।
पैसा कमाना आसान है। यदि पैसा कमाना आसान होता तो हर कोई अमीर होता। फिर किसी को किसी की कहा जरूरत पड़ती।
फिर कौन किस को मां और पिता समझता। सोचो आप सोचो।
पुष्पा एक बात हमेशा याद रखना घर पर काम करना भी आसान नहीं है। मैं कह देता हूँ दिन भर करती क्या हो। परंतु जानता हूँ ऑफिस से भी ज्यादा घर की महिलाएं कार्य करती है।
आप ही बताओ क्या घर पर काम करना आसान है। वह बोली यदि काम आता है तो घर पर काम करना आसान है।
मैने कहा सोच लो वह बोली जो कह रही हूँ वह आसान है।
मैने कहा यदि आसान है तो लड़के पांच किलो का समान घर पर लाने की बजाय मेरा इंतजार क्यू करते है।
क्या बाजार से पांच किलो का समान लाने में भी कोई राकेट साइंस लगता है।
पुष्पा कुछ ना कह सकी मैने कहा पुष्पा ठीक उसी प्रकार पैसा कमाने के लिए सब्र धैर्य रखना पड़ता है।
परंतु आज व्यक्ति रातों रात अमीर बनना चाहता है इसलिए वह vestige को छोड़ देता है।
रातों रात कोई भी लक्ष्मी मित्तल नहीं बना। रातों रात कोई भी लक्ष्मी मित्तल नहीं बन सकता।
रातों रात कोई भी रमन छाबरा नहीं बना। कोई भी रातों रात रमन छाबरा नहीं बन सकता।
मैं आप आप आप दूसरे को अमीर बना सकते है। परंतु अपनी बारी आते है सब पीछे हट जाते है।
पुष्पा ने पूछा वह कैसे मैने कहा हम अपने घर और परिवार के लिए जरूरत का समान खरीदते है।
दूसरा व्यक्ति अमीर से अमीर होता चला जाता है। वह व्यक्ति फलने फूलने लगता है। परंतु वह वही का वही रह जाता है। जो उनसे खरीदारी करता है।
जैसे मै दूसरों को समझाता हूँ अपनी दुकान बदलकर vestige की दुकान से समान ले। अमीर बनने का एक सरल माध्यम। परंतु वे इस बात को समझने में असमर्थ है।
यही सत्य कड़वा सत्य है। ना वह समझ पाता है ना वह समझना चाहता है । वह दुकान बदल कर अमीर बन सकता है।
यही कारण है अधिकतर लोग vestige direct selling marketing pvt Ltd को बीच मे छोड़कर चले जाते हैं।
वह जीवन भर संघर्ष करते है। परंतु उनकी चाहत उन्हें कभी अमीर नहीं बना पाती।
यह इतिहास गवाह है मेहनत करने वालों की हार नहीं होती।
अभिनेता अमिताभ बच्चन इसके सबसे बड़े उद्धरण हैं। कहाँ वे करोड़ों रुपए के कर्जे में थे। आज करोड़ों रुपए के मालिक है।
धीरज सब्र रखने के साथ मेहनत ही वह रंग है। जो सफलता दिलाती है।
वृक्ष वही हरा रहता है जिसे भरपूर मात्रा में पानी खाद मिलता है।
क्या कोई बीज रातों रात वृक्ष बना है। यदि हा तो मुझे अवश्य बताना। यदि ना तो मेहनत करनी ही पड़ती है अमीर बनने के लिए।
आप सब मै भी सबक ले सकते है फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन से।
हम सब सबक ले सकते है Vestige डायरेक्ट Selling Marketing pvt Ltd के CEO गौतम बाली से।
जो अक्सर कहते है सोचने की हिम्मत तो करे।
इतिश्री
