Kumar Vikrant

Comedy


3  

Kumar Vikrant

Comedy


कसम उड़ान झल्ले की

कसम उड़ान झल्ले की

4 mins 12.3K 4 mins 12.3K

महबूब गंज का चंपक आज थोड़ा उदास था। उस्ताद रंगीला की भतीजी बिजली रानी के फिल्म स्टूडियो डमडम में फिल्म, 'कसम उड़ान झल्ले की,' की शूटिंग को ४० दिन पूरे हो चुके थे । एक्टिंग क्लास के नाम पर बिजली रानी ने उसे फिल्म के जूनियर आर्टिस्ट के लिए भी छोटू बना कर रख दिया था, ये ला छोटू, वो ला छोटू सुनते-सुनते २४ वर्षीय लंबा छरहरा चंपक बहुत चिढ चुका था। लेकिन ऐसे ही चिड़चिड़ाहट भरे लम्हो में उसे उस्ताद रंगीला की बात याद आ जाती थी-

बेटा लगा रह; ये ला छोटू, वो ला छोटू को शांति से सुनता रह, यही शब्द तुझे एक दिन महान एक्टर चम्पू उस्ताद बना देंगे।

फिल्म के लीडिंग एक्टर, नकुल और जूली उससे बहुत अच्छा व्यवहार करते थे और खाली टाइम में उससे बहुत बाते किया करते थे; लेकिन जूनियर आर्टिस्ट डमरू, झुमकी, लूना और बाला उससे सदैव दुर्व्यवहार ही करते थे।फिल्म के विलेन जे पी जिसका सही नाम झपट प्रसाद था; बॉलीवुड की किसी फिल्म में बीजी होने के कारण, कसम उड़ान झल्ले की,' की शूटिंग पर नहीं आ पा रहा था। उसके न आने से प्रोड्यूसर झुन्ना मल और डायरेक्टर धूलि बहुत परेशान थे। उनकी मनोदशा को देख कर बिजली रानी नकुल, जूली, झुन्ना मल और धूलि को शूटिंग की लोकेसन दिखाने ले गई थी।

चंपक हमेशा की तरह स्टूडियो के विशाल लॉन की घास पर पड़ा उसकी देख-रेख में रखे खच्चरों को गंभीरता से देख रहा था। झुण्ड के अल्फ़ा मेल खच्चर राहु और केतु आज अजीब व्यवहार कर रहे थे, वो एक दूसरे को देख कर हिनहिना रहे थे और मिटटी खोद रहे थे और देखते ही देखते आपस में भिड़ गए और भयानक आवाजें निकाल कर लड़ने लगे।

"अबे अँधा है क्या देखता नहीं तेरे गधे आपस में लड़ रहे है.........." झुमकी नाम की एक्स्ट्रा गुर्रा कर बोली।

"तो क्या करूं, गधे है तो लड़ेंगे ही......." चंपक ने घास पर लेटे-लेटे अपना फेल्ट हैट अपने मुँह पर रखते हुए कहा।

"अबे क्यों फालतू की बकवास कर रहा है, जा जाकर रोक उन गधो को।" डमरू तैश में आते हुए बोला।

चंपक ने उसकी बात अनसुनी कर जोरदार उबासी ली।

"बेटे बुरा वक्त आ गया तेरा, अगर इन जानवरों ने खुद को नुकसान पहुँचा लिया तो आज तेरी खैर नहीं।" लूना और बाला भड़क कर बोली।

"इतनी तकलीफ है तो खुद ही जाकर रोक लो......." चंपक भयंकर रूप से भिड़ रहे खच्चरों को देख कर बोला।

"हम तो रोक लेंगे बेटा लेकिन आज तेरी नौकरी ख़त्म........" कहते हुए जूनियर आर्टिस्ट डमरू, झुमकी, लूना और बाला भिड़ते हुए जानवरों की तरफ चल पड़े।

झुमकी, लूना और बाला ज्यादा जोश में थी वो आगे चल रही थी और डमरू उन लड़ते जानवरों का हाल देख कर थोड़ा पीछे ही रहा।

झुमकी, लूना और बाला ने खच्चरों को पुचकारा तो वो एक पल को रुक गए और हिनहिनाने लगे। झुमकी, लूना और बाला का होंसला बढ़ा और उन्होंने राहु और केतु को पुचकार कर उनकी पीठ सहलानी शुरू कर दी। लेकिन इस बात से दोनों जानवर और ज्यादा चिढ़ गए और जोर-शोर से लड़ने लगे। अब उन्हें समझाने की कोशिश करती झुमकी, लूना और बाला को उनकी दुलत्तियाँ पड़ने लगी, दूर खड़ा डमरू राहु और केतु को कोसने लगा और झुमकी, लूना और बाला को ज्ञान देने लगा।

इस नज़ारे को देख चंपक हक्का-बक्का था लेकिन झुमकी, लूना और बाला की दुर्गति का मजा लेते हुए सोच रहा था-

और घुसाओ दूसरे के मामले में नाक।

पाँच मिनट उसने इस ड्रामे का मजा लिया और फिर खच्चरों को काबू करने वाले चाबुक के लिए इधर-उधर देखा लेकिन चाबुक न पाकर उसने अपने पैर से अपना मजबूत जूता निकाल कर उपदेश देते डमरू की और घृणा से देखा और राहु और केतु पर टूट पड़ा। उसका जूता राहु और केतु की खोपड़ी, पीठ सब जगह पड़ रहा था। इस जूता मार में चंपक जूता इस अंदाज में चला रहा था कि जब भी वो जूता चलाता तो हर बार झुमकी, लूना और बाला को लगता कि जूता उन्हें पड़ेगा लेकिन जूता जा लगता खच्चर को। इस अचानक हमले से राहु और केतु घबरा उठे और छिटक कर भाग गए और झुमकी, लूना और बाला भी अपने कपड़ों की धूल झाड़ते हुए उठ खड़ी हुई।

"ठीक हो तुम लोग........?" चंपक ने मुस्करा कर पूछा।

जवाब में झुमकी, लूना और बाला ने उसे घूर कर देखा और भाषण बाजी करते डमरू की तरफ बढ़ गई।जिस समय ये ड्रामा चल रहा था तब तक बिजली रानी ,नकुल, जूली, झुन्ना मल और धूलि स्टूडियो में आ चुके थे और चंपक के इस कारनामे को देख कर हक्के-बक्के थे। लेकिन सभी के मन में एक ही बात चल रही थी कि- कितना धूर्त है, मुस्कराते-मुस्कराते जूनियर आर्टिस्ट की बैंड भी बजा दी और अंत में उन्हें खच्चरों से बचा भी लिया।

अचानक डायरेक्टर धूलि आगे बढ़ा और बोला, "बेटा चंपक विलेन बनेगा, 'कसम उड़ान झल्ले की,' फिल्म में?"

"क्यों नहीं, बस मेरा नाम चम्पू उस्ताद होना चाहिए फिल्म में।" चंपक ने उस्ताद रंगीला को मन ही मन धन्यवाद देते हुए कहा।

"ठीक है चम्पू उस्ताद कल तुम्हारा पहला सीन मेरे साथ ही होगा।" एक्ट्रेस जूली ने हंसकर कहा।

"जी मैडम।" कहते हुए चंपक ने अदब के साथ अपना सिर झुका दिया।


Rate this content
Log in

More hindi story from Kumar Vikrant

Similar hindi story from Comedy