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Laxmi Yadav

Inspirational

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Laxmi Yadav

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कोरोना का कवच

कोरोना का कवच

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जब प्रकृति पर मानव का अत्याचार बढा, पशुओं को अपने शौक के लिए उनकी आज़ादी छीन लेना, मंदिरों मे ऊंच नीच और गरीब- अमीर का भेद भाव। यह सब अपनी मर्यादा की पराकाष्ठा पर था। इसलिए, धरा पर एक असुर उतरा...... कोरोना। 

उसने मानव को उसके ही घर मे कैद कर दिया। पशु- पक्षी आज़ाद हो गए। मंदिर के पट ही बंद करवा दिये। विदेश मे बसे लोगों को अपनी मिट्टी पर वापस बुलाया।बंबई मे बसे लोगों को अपना गाँव याद आया। इस अदृश्य असुर का तोड़ एक ही था- श्वेत वस्र मे देवदुत्। वही कवच बने हुए थे। इसका एक और कवच कुंडल बना- मास्क। 

यही दोनों ब्रह्ममास्त्र थे..... 

ऐसे मे संकल्प नाम के युवक को भी कोरोना ने अपने चपेट में ले लिया। उसे एकांतवास मे रखा गया। उसे याद आया कि उसके मास्क ना लगाने की लापरवाही से कोरोना ने अपनी जकड़ मे ले लिया। अब वह पंद्रह दिन तक गहन चिकित्सा मे रखा जायेगा। जहाँ स्वछता का पूरा पालन। सामाजिक दूरी और दोनों बार जाँच। वह अब पूरी तरह से ठीक हो गया। 

अब संकल्प सभी को हाथ धोने, मास्क लगाने व सार्वजनिक जगह पर ना जाने की सलाह देता। जरूरत मंद को खाना पहुँचाना, बड़े बुजुर्गों की देखभाल व बच्चों को कोरोना से सुरक्षित रहने की सलाह यही उसके जीवन का संकल्प बन गया। 

इसी से कोरोना पर विजय प्राप्त हुई.... 



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