कल हो न हो

कल हो न हो

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सुबह सुबह क्यूं शोर मचा रहे हो नितिन क्या हुआ फिर किसी से लड़ाई हो गयी क्या ?

नहीं माँ, वो सेजल है न पड़ोस में जो रहता है मेरा बहुत अच्छा दोस्त भी है, अरे कल सुबह में ही तो आया था।

अच्छा हां क्या हुआ उसे ?

आज उसका एक्सीडेंट हो गया है, वही दोस्त सब आए तो बता रहे थे।

माँ अभी कल ही मिला था खूब मस्ती भी करता रहता, बोलता है।

यरर ये पल जितना चाहे खुशी से जी लो क्या पता कल ये जिंदगी मिले या ना मिले,

और रात घर आते समय ही उसका एक्सीडेंट हो गया डॉक्टर का कहना है अगर चौबीस घण्टे में होश नहीं आया तो कुछ भी हो सकता है-

ये तो बहुत बुरी खबर है बेटा- अच्छा सुनो ! चलना तो बताना हम भी चलेंगे साथ में जरा देख आएंगे, आखिर वो तो बेटे जैसा है;

ठीक है माँ।

अभी थोड़ी देर में सिटी हॉस्पिटल के लिए निकल रहा हूं आप भी तैयार हो जाओ।

ठीक है नितिन चलो।

कितनी भीड़ है माँ ! अच्छा सुनो चलो आप हम गाड़ी पार्किंग करके आते हैं।

ठीक है।

अंकल अभी सेजल को होश नहीं आया डॉक्टर क्या कह रहे ?

नहीं बेटा डॉक्टर का कहना है बारह घण्टे का और इंतजार करते हैं, होश आने के बाद ही आगे का ट्रीटमेंट शुरू करेंगे।

हम्म्म्म, अंकल आप परेशान ना होइए सब ठीक हो जाएगा।

शाम के चार बजे सेजल की उंगलियों में कंपकंपाहट हुई।

नितिन जल्दी डॉक्टर को बुलाओ सेजल बेटा को होश आ रहा है शायद।

जी आंटी।

प्लीज आप लोग बाहर जाइये हमें आगे का ट्रीटमेंट करने दीजिए।

जी डॉक्टर साहब!

हृदय में आस का दीप जलाकर सब भगवान से प्रार्थना करने लगे।

शाम के पांच बजे ऑपरेशन खत्म होने के बाद डॉक्टर बाहर आए,

कैसा है मेरा बेटा !

देखिये पेसेंट की हालत बहुत खराब है हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं, डॉक्टर साहब प्लीज मेरे बच्चे को बचा लीजिए,

जी हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।

आंटी प्लीज चुप हो जाइए सब ठीक होगा,

रात के नौ बजे रहे थे देखा तो प्लेटलेट्स गिरता जा रहा।

डॉक्टर के आते ही प्लेटलेट्स शून्य हो चुका था।

गमगीन पल को कैसे संभालते जिसके आँखों का तारा ही छोड़ गया वो कैसे समझ पाते।

हमेशा मुस्कुरा के बात करने वाला बिंदास जीने वाला आज एक गठ्ठर की तरह बांध दिया गया।

सच कहता था जो पल मिले जी लो क्या पता हम कल हो ना हो।


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